गौतम बुद्ध और समकालीन दार्शनिक विचारों का गहन विश्लेषण गौतम बुद्ध भारतीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण दार्शनिक और सामाजिक सुधारकों में से एक थे। अपने समय के धार्मिक और दार्शनिक विचारकों के साथ उन्होंने गहरी चर्चा और विचार-विमर्श किया। उनके समकालीन दार्शनिक विभिन्न मतों और मान्यताओं का समर्थन करते थे, जो कई बार जटिल और विरोधाभासी थे। बुद्ध ने इन विचारधाराओं का गहराई से अध्ययन किया और उनके खंडन के साथ अपने "मध्यम मार्ग" की स्थापना की। 1. उपनिषद और उनके विचारों का बौद्धिक आधार उपनिषद भारतीय दर्शन का मूल हैं। ये वैदिक साहित्य का वह भाग हैं, जो कर्मकांड से परे आत्मा, ब्रह्म, और मोक्ष जैसे जटिल दार्शनिक सवालों के उत्तर देने का प्रयास करते हैं। इनकी प्रमुख शिक्षाएं आध्यात्मिक ज्ञान, सत्य की खोज और आत्मा के परम सत्य (ब्रह्म) से एकीकरण पर आधारित हैं। उपनिषदों के प्रमुख विचार: आत्मा (Self): उपनिषद आत्मा को शाश्वत, नित्य और अमर मानते हैं। आत्मा को ब्रह्म (सर्वोच्च सत्य) से जोड़ा गया है। उद्धरण: "अहम् ब्रह्मास्मि" (मैं ही ब्रह्म हूं)। इसका तात्पर्य यह है कि आत्मा और...
Gautam Buddha
A spiritual collection of the life, teachings and inspirational stories of Gautama Buddha. A simple path towards peace and compassion.